अक्टूबर 21, 2026
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Sensex और Nifty क्या है? आसान भाषा में पूरा फर्क

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लैपटॉप पर शेयर बाजार का चार्ट और मेज पर चाय का कप

Sensex और Nifty शेयर बाज़ार के दो सबसे बड़े “थर्मामीटर” हैं। Sensex बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की 30 बड़ी कंपनियों का इंडेक्स है, और Nifty 50 नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की 50 बड़ी कंपनियों का। जब खबर आती है कि “बाज़ार 500 अंक चढ़ा”, तो आम तौर पर इन्हीं में से किसी एक की बात हो रही होती है।

इंडेक्स क्या होता है?

इंडेक्स कुछ चुनी हुई कंपनियों के शेयरों की कीमतों से बना एक औसत जैसा नंबर है। हर कंपनी के शेयर रोज़ अलग दिशा में चलते हैं। उन सबको एक-एक करके देखने की जगह इंडेक्स एक नज़र में बता देता है कि बड़ी कंपनियों का मूड आज कैसा रहा।

दोनों इंडेक्स में बड़ी कंपनी का असर ज़्यादा होता है। यह असर कंपनी की फ्री-फ्लोट मार्केट वैल्यू से तय होता है, यानी उन शेयरों की कुल कीमत जो बाज़ार में खरीदे-बेचे जा सकते हैं (प्रमोटर के पास बंद शेयर इसमें नहीं गिने जाते)।

Sensex और Nifty में फर्क

बात Sensex Nifty 50
एक्सचेंज BSE NSE
कंपनियाँ 30 50
शुरुआती आधार 1978-79 = 100 3 नवंबर 1995 = 1000
किसका हिस्सा BSE इंडेक्स परिवार NSE Indices (NSE की इकाई)
दो अलग कंपनी समूह दर्शाते लकड़ी की ट्रे में इमारतों के मॉडल

दोनों में ज़्यादातर वही बड़ी कंपनियाँ हैं, इसलिए आम तौर पर दोनों एक ही दिशा में चलते हैं। Nifty में कंपनियाँ ज़्यादा हैं, इसलिए वह बाज़ार की थोड़ी चौड़ी तस्वीर दिखाता है।

“500 अंक गिरा” को कैसे समझें?

अंक से ज़्यादा ज़रूरी है प्रतिशत। मान लीजिए Sensex 80,000 पर है और 800 अंक गिरता है, तो गिरावट सिर्फ 1% है। यही 800 अंक की गिरावट तब बहुत बड़ी थी जब Sensex 20,000 के आसपास था (तब यह 4% होती)। इसलिए हेडलाइन में अंक देखकर घबराने के बजाय प्रतिशत देखें।

कंपनियाँ इंडेक्स में आती-जाती हैं

इंडेक्स की लिस्ट हमेशा के लिए तय नहीं होती। तय समय पर समीक्षा होती है। जो कंपनी छोटी हो गई या जिसके शेयर कम खरीदे-बेचे जा रहे हैं, वह बाहर हो सकती है और कोई बड़ी कंपनी अंदर आ सकती है। इसी वजह से इंडेक्स लंबे समय में देश की सबसे मज़बूत कंपनियों को दिखाता रहता है।

आम निवेशक के लिए इसका क्या मतलब है?

  • बाज़ार का हाल: आपके शेयर या फंड का प्रदर्शन इंडेक्स से तुलना करके देखें। फंड ने 10% कमाया और इंडेक्स ने 14%, तो फंड पीछे रहा।
  • सीधे इंडेक्स में निवेश: Sensex या Nifty में सीधे पैसा नहीं लगता, पर इंडेक्स फंड और ETF इन्हें कॉपी करते हैं। ₹500 की SIP से भी शुरुआत हो सकती है।
  • रोज़ का उतार-चढ़ाव: इंडेक्स रोज़ ऊपर-नीचे होता है। लंबे लक्ष्य के लिए निवेश करने वाले को हर दिन की खबर पर फैसले नहीं बदलने चाहिए।

Bank Nifty, Midcap जैसे दूसरे इंडेक्स

Sensex और Nifty 50 के अलावा बहुत से इंडेक्स हैं: Nifty Bank (बड़े बैंक), Nifty Midcap और Smallcap (मझोली और छोटी कंपनियाँ), Nifty IT आदि। ये किसी खास सेक्टर या आकार की कंपनियों का हाल बताते हैं।

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स्रोत: BSE, NSE Indices। जानकारी अगस्त 2026 तक की है।

यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा है।

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संपादकीय टीम (Editorial desk)

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