अनुमानित कुल वैल्यू ₹3,10,585
- लगाई गई रकम
- ₹1,00,000
- अनुमानित मुनाफा
- ₹2,10,585
बाज़ार से जुड़े निवेश में रिटर्न की गारंटी नहीं होती। यह हिसाब हर साल एक जैसे रिटर्न पर है, जो असल में कम ही होता है।
बोनस, प्रॉपर्टी बेचने या पुरानी बचत से एक साथ बड़ी रकम मिलने पर सवाल आता है: इसे म्यूचुअल फंड में एक बार में लगाएँ तो कुछ सालों में कितना बन सकता है? ऊपर रकम, अनुमानित सालाना रिटर्न और अवधि डालें, अंदाज़ा तुरंत दिख जाएगा।
Lumpsum निवेश क्या है?
जब पूरी रकम एक ही बार में निवेश की जाती है, उसे lumpsum (एकमुश्त) निवेश कहते हैं। इसके उलट SIP में हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम लगाई जाती है। दोनों के फायदे-नुकसान हमारी गाइड SIP vs Lumpsum में विस्तार से हैं।
फॉर्मूला
कुल वैल्यू = P × (1 + r)t, जहाँ P = लगाई गई रकम, r = सालाना रिटर्न (12% = 0.12) और t = साल।
₹1 लाख एक बार लगाने पर कितना बन सकता है?
| सालाना रिटर्न | 5 साल | 10 साल | 20 साल |
|---|---|---|---|
| 8% | ₹1,46,933 | ₹2,15,892 | ₹4,66,096 |
| 10% | ₹1,61,051 | ₹2,59,374 | ₹6,72,750 |
| 12% | ₹1,76,234 | ₹3,10,585 | ₹9,64,629 |
ध्यान दें, 10 से 20 साल होते ही रकम कितनी तेज़ी से बढ़ती है। चक्रवृद्धि (compounding) का असली फायदा लंबे समय में दिखता है। वहीं रिटर्न में 2% का फ़र्क भी 20 साल में लाखों का फ़र्क बना देता है।
रिटर्न कितना मानकर चलें?
यहाँ कोई पक्का आँकड़ा नहीं है। इक्विटी फंड का रिटर्न बाज़ार के साथ ऊपर-नीचे होता है; किसी साल माइनस में भी जा सकता है। डेट फंड कम उतार-चढ़ाव वाले होते हैं, पर उनका रिटर्न भी कम रहता है। समझदारी यह है कि अलग-अलग रिटर्न (जैसे 8%, 10%, 12%) डालकर देखें, और प्लानिंग कम वाले आँकड़े पर करें।
Lumpsum लगाने से पहले ये बातें
- इमरजेंसी फंड अलग रखें: कम से कम कुछ महीनों का खर्च बचत खाते या FD में रहे।
- बाज़ार के समय का डर हो तो: पूरी रकम एक साथ लगाने की जगह कुछ महीनों में किस्तों में लगाने का विकल्प भी है (STP, यानी डेट फंड से इक्विटी फंड में हर महीने तय रकम भेजना)।
- लक्ष्य और अवधि तय करें: 3 साल से कम के लक्ष्य के लिए इक्विटी फंड आम तौर पर जोखिम भरे माने जाते हैं।
- टैक्स: म्यूचुअल फंड बेचने पर हुए मुनाफे पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है। कैलकुलेटर का नतीजा टैक्स से पहले का है।
हर महीने निवेश की योजना है तो SIP कैलकुलेटर देखें, और पक्की कमाई चाहिए तो FD कैलकुलेटर। सही फंड चुनने के लिए पढ़ें: सही म्यूचुअल फंड कैसे चुनें।
म्यूचुअल फंड निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। यह कैलकुलेटर सिर्फ अनुमान देता है, रिटर्न की गारंटी नहीं। निवेश से पहले योजना के दस्तावेज़ पढ़ें।
